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| विशेष अनुरोध:- |
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संस्कारो से ही संस्क्रति का निर्माण होता है, अतः सभी सामाजिक भाइयो से विशेष अनुरोध है कि सभी सार्वजनिक कार्यक्रम ( जैसे- विवाह, जन्म संस्कार, म्रत्यु संस्कार,कथा,गृहप्रवेश,पूजा पाठ इत्यादि )बौद्ध पद्धति द्वारा ही संपन्न कराये | बौद्ध पद्धति के अलावा अन्य विधि से सम्पन्न किये जाने वाले विधि संस्कारो को समाज विरोधी गतिविधि माना जावेगा |" |
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अंतिम संदेश:-
मैंने तुम्हारे लिए जो कुछ भी किया है,वह बेहद मुसीबतों,अत्यंत दुखों और बेशुमार विरोधियों का मुकाबला करके किया है| यह कारवां आज जिस जगह पर है,इस जगह पर मैं इसे बड़ी मुसीबतों के साथ लाया हूँ| तुम्हारा कर्त्तव्य है कि यह कारवां, सदा आगे ही बढता रहे, बेशक कितनी ही रुकावटें क्यों न आयें| यदि मेरे अनुयायी इसे आगे न बड़ा स
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